पंजाब के बरनाला में वाल्मीकि समाज के सफाई कर्मचारियों पर हुए कथित बर्बर पुलिस लाठीचार्ज और दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए बल प्रयोग के विरोध में आज राजधानी शिमला में आक्रोश की लहर देखने को मिली। 'गदर फ्रंट' और 'सफाई कर्मचारी यूनियन' के संयुक्त तत्वावधान में विभिन्न सामाजिक व कर्मचारी संगठनों ने पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। उग्र नारेबाजी के बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधीश शिमला के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति और पंजाब के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर दोषी पुलिस अधिकारियों की तत्काल बर्खास्तगी की माँग उठाई और माँग पूरी न होने पर 'पंजाब कूच' की सीधी चेतावनी दी। देखें पूरी खबर..
शिमला: (HD News); पंजाब के बरनाला में वाल्मीकि समाज के सफाई कर्मचारियों पर हुए कथित बर्बर पुलिस लाठीचार्ज और दिल्ली के जंतर-मंतर पर पुलिस बल प्रयोग की गूँज अब हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला तक पहुँच गई है। इस अमानवीय कार्रवाई के विरोध में आज शिमला में गदर फ्रंट और सफाई कर्मचारी यूनियन के बैनर तले विशाल व शांतिपूर्ण प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ उग्र नारेबाजी करते हुए अपना कड़ा आक्रोश दर्ज कराया तथा कर्मचारियों पर हुए अत्याचार को लोकतंत्र पर हमला करार दिया।

प्रदर्शन के उपरांत विभिन्न सामाजिक और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों से बने एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त कार्यालय शिमला की ओर रुख किया। वहाँ प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधीश (DC) के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति और पंजाब के मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन प्रेषित किया। इस ज्ञापन के ज़रिए बरनाला घटना की कड़े शब्दों में निंदा की गई और पीड़ितों को अविलंब न्याय दिलाने व दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की माँग उठाई गई।
गदर फ्रंट हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष रवि कुमार दलित ने मीडिया को बयान देते हुए पंजाब पुलिस के रवैये पर गहरा दुख और रोष प्रकट किया। उन्होंने कहा कि बरनाला में सफाई कर्मचारी अपने वेतन में सुधार और अन्य जायज माँगों को लेकर पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रहे थे। परंतु पुलिस प्रशासन ने बर्बरता की सीमा पार करते हुए उन पर जानलेवा लाठीचार्ज कर दिया, जिसमें वाल्मीकि समाज की महिलाओं, माताओं और बहनों के सिर फोड़ दिए गए तथा कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

रवि कुमार दलित ने पंजाब सरकार के दोहरे रवैये पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि जो राजनीतिक दल दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई का विरोध करता है, वही सरकार अपने राज्य में अधिकार माँग रहे गरीब सफाई कर्मचारियों पर लाठियाँ बरसा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लाठीचार्ज के जिम्मेदार संबंधित डीएसपी (DSP) और पुलिसकर्मियों को केवल सस्पेंड (निलंबित) करके मामले को दबाया नहीं जा सकता, बल्कि उन्हें नौकरी से तुरंत बर्खास्त किया जाना चाहिए।
बयान के अंत में गदर फ्रंट के अध्यक्ष ने पंजाब सरकार को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि इस मामले में त्वरित व निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होती है, तो यह आंदोलन केवल हिमाचल तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि यदि माँगों को अनदेखा किया गया, तो हिमाचल प्रदेश का पूरा वाल्मीकि व दलित समाज एकजुट होकर पंजाब की ओर कूच करेगा और सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ेगा।
