ज्योतिष जगत की सबसे बड़ी खबर के अनुसार, आज 31 अक्टूबर शनिवार को देवगुरु बृहस्पति अपनी अतिचारी (तीव्र) गति चलते हुए कर्क राशि से निकलकर सूर्य की सिंह राशि में गोचर कर रहे हैं। आज होने वाले इस बड़े राशि परिवर्तन का सभी बारह राशियों, देश-दुनिया और धार्मिक गतिविधियों पर गहरा प्रभाव पड़ेगा।

गुरु ग्रह के आज सिंह राशि में प्रवेश करते ही न्याय के देवता शनि के साथ उनका 'षडाष्टक योग' निर्मित हो रहा है। ज्योतिष गणना के अनुसार, इस योग के दौरान शनि ग्रह, गुरु से अष्टम भाव में और देवगुरु बृहस्पति, शनि से छठे भाव में स्थित रहेंगे। ज्योतिष शास्त्र में गुरु और शनि के इस षडाष्टक संयोग को काफी संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण माना जाता है, जिसके कारण कई राशियों के जातकों को कार्यक्षेत्र और स्वास्थ्य में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
ज्योतिषाचार्यों ने आज 31 अक्टूबर को इस गोचर के प्रतिकूल प्रभाव से बचने के लिए मंदिरों में विशेष दान-पुण्य और मंत्र जाप करने का विधान बताया है। आज के दिन भगवान शिव के मंत्रों का जाप करना, भगवान विष्णु की आराधना करना तथा पीली दाल, केला और पीले वस्त्रों का दान करना अत्यंत कल्याणकारी माना गया है।
