आज 31 अक्टूबर को शाम 04 बजकर 58 मिनट पर षष्ठी तिथि समाप्त होते ही सप्तमी तिथि का शुभारंभ हो जाएगा, जिसके साथ ही कल 1 नवंबर को मनाए जाने वाले अहोई अष्टमी महापर्व की अंतिम तैयारियां आज अपने चरम पर पहुंच गई हैं। संतान की दीर्घायु और सुख-समृद्धि के लिए रखे जाने वाले इस निर्जला व्रत से एक दिन पूर्व आज देशभर के बाज़ारों में महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ रही है।

आज शनिवार को महिलाएं पूजा के लिए अहोई माता के चित्रपट, मिट्टी के करवे, सींक और पूजन सामग्री की जमकर खरीदारी कर रही हैं। इसके साथ ही मथुरा के प्रसिद्ध श्री राधा कुंड नगरी में भी आज 31 अक्टूबर की सुबह से ही देश-विदेश के हजारों श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया है, जहां संतान प्राप्ति की कामना के लिए विशेष स्नान और आराधना की परंपरा है।
कार्तिक मास के पावन दामोदर माह के छठे दिन आज वृंदावन, अयोध्या, हरिद्वार और काशी सहित सभी प्रमुख तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं ने प्रातःकालीन स्नान कर दीपदान किया। मंदिरों में आज दामोदराष्टकम के पाठ और तुलसी पूजन के साथ दीपोत्सव की श्रृंखला के पर्वों का उत्साह पूरे शबाब पर नजर आ रहा है।
