प्रयागराज में आगामी महाकुंभ को लेकर प्रशासनिक और संत समाज की तैयारियां अपने अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। संगम की रेती पर दुनिया के सबसे बड़े आध्यात्मिक समागम के लिए एक विशाल और भव्य 'तंबूओं की नगरी' ने आकार लेना शुरू कर दिया है। देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस बार मेला क्षेत्र का पहले के मुकाबले काफी अधिक विस्तार किया गया है।
मेला प्रशासन के अनुसार, इस वर्ष घाटों की साफ-सफाई, नए पक्के घाटों के निर्माण और रास्तों के चौड़ीकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि शाही स्नान के दौरान भीड़ को आसानी से नियंत्रित किया जा सके। इसके साथ ही, पूरे मेला क्षेत्र को उच्च तकनीक वाले सीसीटीवी कैमरों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित ड्रोन निगरानी ग्रिड से जोड़ा गया है। विभिन्न अखाड़ा परिषदों ने भी अपने विशाल शिविरों का निर्माण शुरू कर दिया है, जहां से पूरे कुंभ के दौरान धर्म और अध्यात्म की गंगा बहेगी।
राज्य के आला अधिकारियों ने हाल ही में तैयारियों का हवाई और जमीनी जायजा लेते हुए निर्देश दिया है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वच्छता में कोई कोताही न बरती जाए। साधु-संतों ने भी सरकार की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार का महाकुंभ न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि सांस्कृतिक पर्यटन और वैश्विक प्रबंधन के लिहाज से भी एक नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित करेगा।