आज 31 अक्टूबर को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष के शनिवार के अवसर पर देशभर के प्रमुख शनि मंदिरों और हनुमान धामों में ब्रह्म मुहूर्त से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। शनिवार का दिन कर्मफल दाता भगवान शनिदेव और संकटमोचन हनुमान जी की उपासना के लिए समर्पित होने के कारण आज श्रद्धालु शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के दोषों से मुक्ति के लिए विशेष अनुष्ठान कर रहे हैं।

आज सुबह से ही महाराष्ट्र के शनि शिंगणापुर, मथुरा के कोकिलावन धाम, दिल्ली के शनि धाम और स्थानीय मंदिरों में भगवान शनिदेव के तैल अभिषेक के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। श्रद्धालु आज तांबे के लोटे में जल, दूध और शक्कर मिलाकर पश्चिम मुखी होकर पीपल के वृक्ष को अर्घ्य दे रहे हैं तथा काले तिल, उड़द की दाल और सरसों के तेल का दान कर रहे हैं।
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, कार्तिक मास के शनिवार को पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाने और हनुमान चालीसा व सुंदरकांड का पाठ करने से भगवान विष्णु और शनिदेव दोनों की विशेष कृपा प्राप्त होती है। आज सायंकाल प्रदोष काल में भी शाम 05 बजकर 37 मिनट से रात्रि 08 बजकर 01 मिनट तक मंदिरों में विशेष महाआरती और दीपदान का आयोजन किया जाएगा।
