आज 01 नवंबर 2026, रविवार को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि है। आज धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व का दिन है। रविवार को सूर्य देव की आराधना के साथ अहोई अष्टमी, भानु सप्तमी और मासिक कालाष्टमी का भी विशेष महत्व रहेगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार आज पुष्य नक्षत्र और शुभ योगों का संयोग बन रहा है।अगर आप आज कोई नया कार्य शुरू करने, पूजा-पाठ, खरीदारी या शुभ मांगलिक कार्य करने की योजना बना रहे हैं, तो दिन के शुभ और अशुभ समय की जानकारी होना जरूरी है। आइए जानते हैं आज का पूरा पंचांग, तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहुकाल, अभिजीत मुहूर्त, ब्रह्म मुहूर्त और सूर्य-चंद्रमा के उदय एवं अस्त का समय।
तिथि और पक्ष
आज कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि दोपहर 2 बजकर 51 मिनट तक रहेगी। इसके बाद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी, जो अगले दिन तक रहेगी। आज सूर्योदय के समय सप्तमी तिथि विद्यमान रहेगी।
वार और संवत
आज रविवार है। विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थी) तथा शक संवत 1948 (पराभव) चल रहा है। पूर्णिमांत पंचांग के अनुसार कार्तिक मास और अमांत पंचांग के अनुसार आश्विन मास है। आज शरद ऋतु और दक्षिणायन का समय है।
नक्षत्र और चंद्र राशि
आज पुष्य नक्षत्र रहेगा, जो 02 नवंबर की सुबह 4 बजकर 30 मिनट तक प्रभावी रहेगा। इसके बाद अश्लेषा नक्षत्र प्रारंभ होगा। आज चंद्रमा कर्क राशि में विराजमान रहेंगे। पुष्य नक्षत्र को ज्योतिष शास्त्र में शुभ और महत्वपूर्ण नक्षत्रों में गिना जाता है।
योग और करण
आज साध्य योग दोपहर 2 बजकर 39 मिनट तक रहेगा। इसके बाद शुभ योग प्रारंभ होगा। करण की बात करें तो बव करण दोपहर 2 बजकर 51 मिनट तक रहेगा, इसके बाद बालव करण प्रारंभ होगा।
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
आज शिमला में सूर्योदय सुबह 6 बजकर 36 मिनट पर होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 5 बजकर 33 मिनट पर होगा। चंद्रोदय रात 11 बजकर 36 मिनट पर और चंद्रास्त दोपहर 12 बजकर 48 मिनट पर होगा।
शुभ मुहूर्त
आज ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 52 मिनट से 5 बजकर 44 मिनट तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 43 मिनट से दोपहर 12 बजकर 27 मिनट तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 54 मिनट से 2 बजकर 38 मिनट तक रहेगा। गोधूलि मुहूर्त शाम 5 बजकर 09 मिनट से 5 बजकर 45 मिनट तक रहेगा।
प्रदोष काल
आज प्रदोष काल शाम 5 बजकर 33 मिनट से रात 8 बजकर 10 मिनट तक रहेगा। इस समय भगवान शिव की पूजा और आराधना करना विशेष फलदायी माना जाता है।
राहुकाल और अशुभ समय
आज रविवार को राहुकाल शाम 4 बजकर 11 मिनट से 5 बजकर 33 मिनट तक रहेगा। यमगण्ड दोपहर 12 बजकर 05 मिनट से 1 बजकर 27 मिनट तक और गुलिक काल दोपहर 2 बजकर 49 मिनट से शाम 4 बजकर 11 मिनट तक रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार राहुकाल में नए शुभ कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए।
अमृत काल और अन्य विशेष समय
आज अमृत काल रात 10 बजकर 25 मिनट से 11 बजकर 56 मिनट तक रहेगा। वहीं वर्ज्य काल दोपहर 1 बजकर 16 मिनट से 2 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। इन समयों को ध्यान में रखकर धार्मिक और मांगलिक कार्यों की योजना बनाई जा सकती है।
आज के व्रत और त्योहार
आज अहोई अष्टमी और भानु सप्तमी का विशेष संयोग है। इसके अलावा मासिक कालाष्टमी और राधा कुंड स्नान का भी धार्मिक महत्व है। अहोई अष्टमी का व्रत माताएं अपनी संतान की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना से रखती हैं। वहीं भानु सप्तमी के अवसर पर सूर्य देव की पूजा और अर्घ्य देने की परंपरा है।
आज का विशेष उपाय
रविवार के दिन सुबह स्नान के बाद सूर्य देव को तांबे के पात्र से जल अर्पित करें। जल में लाल पुष्प और अक्षत डालकर सूर्य मंत्र का जाप करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार सूर्य देव की आराधना से जीवन में सकारात्मकता, सुख-समृद्धि और आत्मविश्वास की कामना की जाती है।
आज का मंत्र
ॐ घृणि सूर्याय नमः।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई पंचांग, तिथि, नक्षत्र, योग, करण, शुभ-अशुभ मुहूर्त और धार्मिक जानकारी पारंपरिक हिंदू पंचांग एवं ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है। स्थान और पंचांग गणना पद्धति के अनुसार समय में कुछ मिनटों का अंतर संभव है। यहां दिए गए सूर्योदय, सूर्यास्त और मुहूर्त के समय शिमला के स्थानीय समय के अनुसार हैं। किसी भी धार्मिक अनुष्ठान या मांगलिक कार्य से पहले स्थानीय पंचांग अथवा विद्वान ज्योतिषाचार्य से पुष्टि अवश्य करें।