शिमला के संजौली अवैध मस्जिद विवाद में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। हिंदू संघर्ष समिति ने आज संजौली बाजार में सरकार की शव यात्रा निकालते हुए पुतला दहन किया और प्रशासन पर लीपापोती के आरोप लगाए। समिति ने आज होने वाली प्रशासनिक बैठक का बहिष्कार किया और 12 दिन से जारी क्रमिक अनशन को समाप्त कर जनजागरण अभियान शुरू करने का ऐलान किया। पढ़ें विस्तार से ..
शिमला: (HD News); शिमला के संजौली में अवैध मस्जिद निर्माण को लेकर चल रहे विवाद में आज हिंदू संघर्ष समिति ने बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। समिति के सदस्यों ने संजौली बाजार में सरकार की शव यात्रा निकाली और पुतला फूंक कर अपना रोष जताया। प्रदर्शन के चलते क्षेत्र में भारी संख्या में लोग जुटे और माहौल तनावपूर्ण रहा।
हिंदू संघर्ष समिति ने 12 दिनों से चल रहे क्रमिक अनशन को भी आज समाप्त कर दिया। समिति ने घोषणा की कि अब यह चरण जनजागरण अभियान में परिवर्तित होगा, जिसके माध्यम से लोगों को पूरे मामले की जानकारी दी जाएगी और आंदोलन को व्यापक बनाया जाएगा।

समिति ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि वह अवैध मस्जिद मामले में लीपापोती कर रहा है और अब तक किसी भी ठोस कार्रवाई को अंजाम नहीं दिया गया है। समिति ने यह भी कहा कि प्रशासन केवल मौखिक आश्वासन दे रहा है जबकि लिखित में कोई भी आदेश या कार्रवाई सामने नहीं आई है
आज प्रशासन के साथ प्रस्तावित बैठक का बहिष्कार करते हुए समिति ने दावा किया कि ऐसे हालात में किसी भी स्तर पर समाधान निकलना संभव नहीं है। समिति के नेताओं का कहना था कि प्रशासन मस्जिद का बिजली-पानी काटने जैसे मूलभूत कदम तक उठाने में नाकाम रहा है।

समिति के नेताओं ने आरोप लगाया कि शुक्रवार को मनाही के बावजूद मस्जिद में नमाज अदा की गई, लेकिन प्रशासन ने इस पर भी कोई कार्रवाई नहीं की। प्रदर्शनकारियों ने इसे कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
विजय शर्मा, नेता हिंदू संघर्ष समिति ने कहा- “प्रशासन बार-बार मौखिक आश्वासन देता है लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ नहीं हो रहा। अवैध मस्जिद का बिजली-पानी तक नहीं काटा गया। ऐसे में बैठक में बैठने का कोई अर्थ नहीं था।”
मदन ठाकुर, नेता हिंदू संघर्ष समिति ने कहा - “12 दिन का हमारा अनशन आज समाप्त कर रहे हैं, लेकिन संघर्ष यहीं खत्म नहीं होगा। अब जनजागरण अभियान चलाया जाएगा ताकि लोगों को सच्चाई बताई जा सके।”

संजौली मस्जिद विवाद अब केवल प्रशासनिक प्रक्रिया का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि स्थानीय आस्था, भरोसे और कानून व्यवस्था से जुड़ा व्यापक जनआंदोलन बन चुका है। हिंदू संघर्ष समिति द्वारा सरकार की शव यात्रा, पुतला दहन और बैठक के बहिष्कार ने साफ कर दिया है कि समुदाय अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होगा। 12 दिनों का अनशन खत्म होना भी संघर्ष की समाप्ति नहीं, बल्कि इसके अगले और अधिक आक्रामक चरण—जनजागरण अभियान—की शुरुआत है। यदि प्रशासन ने जल्द और ठोस कार्रवाई नहीं की, तो यह विवाद और बड़ा रूप ले सकता है और सरकार पर जनदबाव कई गुना बढ़ जाएगा।