हिमाचल प्रदेश में विकास को नई गति प्रदान करते हुए, मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में सोमवार को शिमला में आयोजित प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में स्वास्थ्य, पर्यटन और सामाजिक सरोकार से जुड़े कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। सरकार ने हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में अत्याधुनिक कैंसर केयर सेंटर स्थापित करने और धर्मशाला में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एशिया की सबसे लंबी जिपलाइन परियोजना को मंजूरी दी है। इसके साथ ही, एक बड़ा संवेदनशील कदम उठाते हुए कैबिनेट ने अनाथों और विधवाओं के कल्याण के लिए पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर 'सेस' (Cess) लगाने हेतु अध्यादेश लाने का भी फैसला किया है। पढ़ें विस्तार से..
शिमला, 19 जनवरी (HD News): हिमाचल प्रदेश में विकास की रफ्तार को नए आयाम देते हुए, मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में सोमवार को यहां आयोजित प्रदेश मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक में कई दूरगामी और जनहितकारी निर्णय लिए गए। सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, पर्यटन को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने और समाज के वंचित वर्गों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कई बड़ी परियोजनाओं को हरी झंडी दी है। यह बैठक राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में सुधार और विस्तार के लिए एक रोडमैप तैयार करती है।

स्वास्थ्य सेवाओं में एक बड़ी छलांग लगाते हुए, मंत्रिमंडल ने प्रदेश में बढ़ते कैंसर के मामलों के मद्देनजर हमीरपुर स्थित डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय में एक अत्याधुनिक 'कैंसर केयर सेंटर' स्थापित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस सेंटर को पूरी तरह कार्यात्मक बनाने के लिए सरकार ने 11 नए विशेष विभागों की स्थापना और इन विभागों के सुचारू संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के आवश्यक पदों को सृजित कर भरने की स्वीकृति प्रदान की है। इसके अतिरिक्त, राज्य में स्वास्थ्य अवसंरचना को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एम्स (AIIMS) बिलासपुर परिसर में 8 अतिरिक्त ब्लॉकों के निर्माण की अनुमति भी दी गई है।
पर्यटन को प्रदेश की आर्थिकी की रीढ़ मानते हुए सरकार ने साहसिक पर्यटन पर बड़ा दांव खेला है। कैबिनेट ने कांगड़ा जिले में धर्मशाला के समीप नड्डी में 4.3 किलोमीटर लंबी जिपलाइन परियोजना के निर्माण को स्वीकृति प्रदान की है। लगभग 7.41 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह परियोजना एशिया की सबसे लंबी जिपलाइन होगी, जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगी। हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ावा देते हुए एलायंस एयर को दिल्ली-शिमला-धर्मशाला मार्गों पर पूरे सप्ताह विमान संचालन की अनुमति दी गई है, जबकि शिमला की ऐतिहासिक पहचान को बनाए रखने के लिए शहर में एक नए आइस स्केटिंग रिंक के निर्माण को भी मंजूरी मिली है।

सामाजिक सरोकार के तहत, सरकार ने अनाथों एवं विधवाओं के लिए अपनी कल्याणकारी योजनाओं को वित्तीय रूप से सुदृढ़ करने हेतु एक बड़ा नीतिगत फैसला लिया है। मंत्रिमंडल ने राज्य में पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल की पहली बिक्री (Point of First Sale) पर ‘ओरफन एण्ड विडो सेस’ (Orphan and Widow Cess) लगाने के लिए अध्यादेश लाने की स्वीकृति दी है। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि यह सेस उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डाले बिना इन योजनाओं के लिए पर्याप्त संसाधन जुटाएगा। इसके अलावा, शिमला के ढली स्थित दिव्यांग बच्चों के संस्थान को सरकार ने सैद्धांतिक रूप से अपने अधीन लेने का निर्णय लिया है, और हीरानगर स्थित संस्थान में जॉब ट्रेनी के पद भरे जाएंगे।
राज्य में हरित ऊर्जा और औद्योगिक विकास पर भी जोर दिया गया है। मंत्रिमंडल ने भू-तापीय संसाधनों के दोहन के लिए राष्ट्रीय भू-तापीय ऊर्जा नीति को अपनाने की स्वीकृति दी है। निवेश आकर्षित करने के लिए हिमाचल प्रदेश औद्योगिक निवेश नीति, 2019 को 31 मार्च, 2026 तक बढ़ा दिया गया है। साथ ही, 25 मेगावाट तक की चार विभिन्न जल विद्युत परियोजनाओं को निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवंटित करने की मंजूरी दी गई है।

प्रशासन और रोजगार नीतियों में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर नीति में संशोधन कर इन-सर्विस (GDO/MO) और डायरेक्ट अभ्यर्थियों के लिए कोटा निर्धारित किया गया है, जबकि सहायक स्टाफ नर्स पद के लिए आयु सीमा बढ़ाकर 18 से 45 वर्ष कर दी गई है। मंत्रिमंडल ने राज्य कर एवं आबकारी विभाग, राजस्व विभाग और हमीरपुर के वॉलीबाल खेल छात्रावास सहित विभिन्न विभागों में नए पद भरने को मंजूरी दी। इसके अतिरिक्त, खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने के लिए प्रदेश के चार जिलों में नई खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया है।