"हिमाचल प्रदेश विधानसभा के आगामी बजट सत्र को हंगामे से मुक्त रखने और सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने के लिए विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां ने कमर कस ली है। सत्र के आगाज से ठीक पहले, सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच बेहतर तालमेल और सामंजस्य स्थापित करने की कवायद के तहत, 15 और 16 फरवरी को शिमला में दो बेहद महत्वपूर्ण बैठकें बुलाई गई हैं, जिनका नेतृत्व स्वयं स्पीकर पठानियां करेंगे।" - पढ़ें पूरी खबर..
शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के आगामी बजट सत्र को सुचारू और शांतिपूर्ण ढंग से चलाने के लिए विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में, सत्र शुरू होने से पहले 15 और 16 फरवरी को विधानसभा सचिवालय में दो अत्यंत महत्वपूर्ण बैठकों का आयोजन किया जा रहा है, जिनकी अध्यक्षता स्वयं विधानसभा अध्यक्ष करेंगे।

पत्रकार दीर्घा समिति की बैठक और प्रेस कॉन्फ्रेंस (15 फरवरी)
सत्र की तैयारियों की शुरुआत 15 फरवरी, 2026 को होगी। इस दिन दोपहर 12:15 बजे विधानसभा सचिवालय के मुख्य समिति कक्ष में 'पत्रकार दीर्घा समिति' की बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां करेंगे। बैठक संपन्न होने के तुरंत बाद, श्री पठानियां मुख्य समिति कक्ष में ही एक संवाददाता सम्मेलन (Press Conference) को संबोधित करेंगे और मीडिया के साथ सत्र से जुड़ी जानकारी साझा करेंगे।

सर्वदलीय बैठक में बनेगा समन्वय (16 फरवरी)
सदन की कार्यवाही निर्विघ्न चले और सभी दलों का सहयोग मिले, इसके लिए 16 फरवरी, 2026 को दोपहर 12:15 बजे विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय कक्ष में 'सर्वदलीय बैठक' (All-Party Meeting) बुलाई गई है। इस उच्च स्तरीय बैठक में संसदीय कार्य मंत्री एवं मुख्य सचेतक (कांग्रेस) हर्ष वर्धन चौहान, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, उप-मुख्य सचेतक (सरकार) केवल सिंह पठानियां तथा भाजपा के विधायक एवं मुख्य सचेतक सुखराम चौधरी विशेष रूप से भाग लेंगे।

स्पीकर का संदेश: "सदन की गरिमा और जनहित सर्वोपरि"
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां ने कहा कि बजट सत्र से पूर्व यह बैठकें बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि दोनों दलों के बीच आपसी समन्वय, सामंजस्य और तालमेल होना अनिवार्य है। उन्होंने सत्तापक्ष और विपक्ष से अनुरोध किया कि वे सत्र संचालन में अपना रचनात्मक सहयोग दें। श्री पठानियां ने कहा, "हमारा सदन ऐतिहासिक है और पूरे देश में अपनी उत्कृष्ट गरिमा व उच्च परम्पराओं के लिए जाना जाता है। मेरा दोनों दलों से आग्रह है कि वे सदन के समय का सदुपयोग सार्थक चर्चा में करें ताकि जनहित से जुड़े मुद्दों का समाधान निकल सके।"
