कांगड़ा: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले स्थित देहरा (NH-03) में एक खौफनाक सड़क हादसे ने पल भर में दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। चामुखा के पास सवारियों से भरी HRTC बस और एक ऑल्टो कार के बीच इतनी जोरदार आमने-सामने की टक्कर हुई कि कार के परखच्चे उड़ गए। इस दर्दनाक घटना में एक ही परिवार की मां-बेटी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार में सवार दो मासूम बच्चों समेत चार लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को नाजुक हालत में टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है, जहां वे जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं।
धमाके के साथ गूंजी चीख-पुकार, दहल उठा हाईवे
चश्मदीदों के मुताबिक, भिड़ंत इतनी जबरदस्त थी कि किसी तेज धमाके जैसी आवाज आई। ऑल्टो कार पूरी तरह से पिचक कर लोहे के एक ढांचे में तब्दील हो गई। कार के अंदर फंसी सवारियों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग सिहर उठे और तुरंत मौके की तरफ दौड़े। स्थानीय लोगों ने भारी मशक्कत के बाद लहूलुहान अवस्था में घायलों को कार के मलबे से बाहर निकाला।

अस्पताल पहुंचने से पहले ही टूट गई सांसों की डोर
आनन-फानन में एंबुलेंस के जरिए सभी घायलों को नादौन सिविल अस्पताल ले जाया गया। लेकिन, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इस हृदयविदारक हादसे में 35 वर्षीय शशि बाला (पत्नी राकेश कुमार) और 60 वर्षीय सोमा देवी (पत्नी भूरी सिंह) ने दम तोड़ दिया।

टांडा रेफर किए गए 4 लोग, हालत बेहद नाजुक
हादसे में घायल दो मासूम बच्चों सहित चार अन्य लोगों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। नादौन अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद, उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत टांडा मेडिकल कॉलेज (TMC) रेफर कर दिया है। फिलहाल वे अस्पताल के बिस्तर पर अपनी जिंदगी बचाने के लिए कड़ा संघर्ष कर रहे हैं।
गांव में पसरा मातम, हर आंख नम
जैसे ही हादसे की मनहूस खबर मृतकों के घर पहुंची, वहां चीख-पुकार मच गई। एक ही झटके में परिवारों पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा है कि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस असामयिक और दर्दनाक मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना का जायजा लिया है और हादसे के असल कारणों की गहनता से जांच की जा रही है।

एसपी देहरा मयंक चौधरी ने बताया कि हादसे के कारणों की पड़ताल की जा रही है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार या लापरवाही को हादसे का कारण माना जा रहा है, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से चामुखा क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह का दर्द न झेलना पड़े।
यह हृदयविदारक हादसा एक बार फिर राजमार्गों पर सुरक्षा और रफ्तार के कहर को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। एक ही झटके में दो महिलाओं का दुनिया से चले जाना और परिवारों का उजड़ जाना पूरे इलाके को गमगीन कर गया है। फिलहाल पुलिस प्रशासन मामले की गहनता से जांच कर रहा है, जिसके बाद ही हादसे के असली कारणों और लापरवाही का खुलासा हो सकेगा। अब हर किसी की दुआएं टांडा अस्पताल में भर्ती उन मासूम बच्चों और अन्य घायलों की सलामती के लिए हैं, जिनकी सांसों की डोर अभी भी संघर्ष कर रही है।