आज का पंचांग 7 अक्टूबर 2026: आज बुधवार है और धार्मिक दृष्टि से दिन विशेष है। हिंदू पंचांग के अनुसार आज आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि है, जो रात 11 बजकर 16 मिनट तक रहेगी। इसके बाद कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। आज पितृ पक्ष के दौरान मघा श्राद्ध किया जाएगा।
आज की तिथि और नक्षत्र
आज कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि है। मघा नक्षत्र रात करीब 9:40 बजे तक रहेगा, इसके बाद पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र प्रारंभ होगा। चंद्रमा आज सिंह राशि में रहेगा, जबकि सूर्य कन्या राशि में स्थित है।

आज का योग और करण
आज शुभ योग रात करीब 2:52 बजे तक रहेगा। करण में कौलव के बाद तैतिल और फिर गर करण का प्रभाव रहेगा। पंचांग की गणना के अनुसार आज का दिन धार्मिक कार्यों और पितरों के निमित्त किए जाने वाले कर्मों के लिए महत्वपूर्ण माना गया है।
मघा श्राद्ध का महत्व
पितृ पक्ष में मघा नक्षत्र के संयोग से आने वाला श्राद्ध मघा श्राद्ध कहलाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आज पितरों के निमित्त तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान आदि करने का विशेष महत्व माना जाता है। श्रद्धालु अपनी परंपरा और स्थानीय मान्यताओं के अनुसार पितरों का स्मरण एवं पूजा-अर्चना कर सकते हैं।
आज का राहुकाल
शिमला के अनुसार आज राहुकाल लगभग दोपहर 12:08 बजे से 1:36 बजे तक रहेगा। इस अवधि में शुभ कार्यों की शुरुआत करने से बचने की धार्मिक मान्यता है। यमगंड सुबह 7:46 बजे से 9:13 बजे तक और गुलिक काल सुबह 10:41 बजे से 12:08 बजे तक रहेगा।
आज का शुभ मुहूर्त
शिमला में आज ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:42 से 5:30 बजे तक और अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:45 बजे से दोपहर 12:32 बजे तक बताया गया है। हालांकि स्थानीय सूर्योदय और पंचांग गणना के अनुसार समय में थोड़ा अंतर हो सकता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शिमला में आज सूर्य सुबह करीब 6:18 बजे उदय होगा और शाम करीब 5:59 बजे अस्त होगा। स्थान बदलने पर सूर्योदय-सूर्यास्त और मुहूर्त के समय में अंतर संभव है।
धार्मिक सूचना: पंचांग के समय स्थान के अनुसार बदल सकते हैं। किसी विशेष पूजा, श्राद्ध या धार्मिक अनुष्ठान के लिए स्थानीय पंचांग अथवा विद्वान पंडित से समय की पुष्टि करना उचित रहेगा।

डिस्क्लेमर: इस पंचांग में दी गई तिथि, नक्षत्र, योग, राहुकाल, शुभ-अशुभ मुहूर्त एवं अन्य धार्मिक जानकारियां सामान्य पंचांग गणना और उपलब्ध ज्योतिषीय स्रोतों पर आधारित हैं। स्थान, सूर्योदय-सूर्यास्त तथा स्थानीय पंचांग के अनुसार समय में थोड़ा अंतर हो सकता है। यह सामग्री केवल धार्मिक एवं सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है। किसी विशेष धार्मिक अनुष्ठान, श्राद्ध, पूजा या शुभ कार्य के लिए स्थानीय विद्वान/पंडित से परामर्श करना उचित रहेगा। Himdarshan News किसी धार्मिक निर्णय या उसके परिणाम के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।