3 नवंबर 2026, मंगलवार के प्रातः काल से ही देशभर के प्रमुख मंदिरों में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि सुबह 11 बजकर 54 मिनट तक रहेगी, जिसके पश्चात दशमी तिथि का प्रारंभ हो जाएगा। मंगलवार और नवमी के इस संयोग को आध्यात्मिक साधना, मंत्र जाप और संकल्प सिद्धि के लिए अत्यंत कल्याणकारी माना गया है।
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, दिन भर मघा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, जो अगले दिन भोर 3 बजकर 26 मिनट तक व्याप्त रहेगा। इसके साथ ही सुबह 9 बजकर 54 मिनट तक शुक्ल योग रहेगा और उसके बाद अत्यंत शुभ माना जाने वाला ब्रह्म योग प्रारंभ हो जाएगा। ब्रह्म योग में किए गए धार्मिक अनुष्ठान, दान-पुण्य और पूजा-पाठ अक्षय फल प्रदान करने वाले होते हैं।
मांगलिक और महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत के लिए दिन का सर्वश्रेष्ठ अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 42 मिनट से 12 बजकर 26 मिनट तक रहेगा। वहीं, अशुभ समय की बात करें तो दोपहर 2 बजकर 49 मिनट से शाम 4 बजकर 12 मिनट तक राहुकाल रहेगा। शास्त्रों के अनुसार राहुकाल की अवधि में किसी भी नए कार्य, अनुबंध या धार्मिक अनुष्ठान के प्रारंभ से बचना चाहिए।
कार्तिक मास के पवित्र मंगलवार के अवसर पर प्रयागराज के लेटे हुए हनुमान जी, अयोध्या के हनुमानगढ़ी, दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर और सालासर बालाजी में ब्रह्म मुहूर्त से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। मंदिरों में सुंदरकांड और हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ से वातावरण गुंजायमान है तथा श्रद्धालु बजरंगबली को सिंदूर, चोला और बूंदी का भोग अर्पित कर रहे हैं।
ज्योतिषाचार्यों और धर्माचार्यों ने मंगलवार के दिन मंगल दोष की शांति और जीवन की बाधाओं से मुक्ति के लिए विशेष उपाय सुझाए हैं। प्रातः स्नान के बाद तांबे के लोटे से सूर्य देव को अर्घ्य देना, हनुमान जी के समक्ष चमेली के तेल का दीपक जलाना और 'ॐ अं अंगारकाय नमः' मंत्र का जाप करना विशेष लाभकारी रहेगा। साथ ही जरूरतमंदों को लाल वस्त्र, गुड़ और मसूर की दाल का दान करने से आरोग्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है।