आज शुक्रवार है। हिंदू पंचांग के अनुसार आज कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि प्रातःकाल 10 बजकर 31 मिनट तक रहेगी। इसके बाद त्रयोदशी तिथि आरंभ हो जाएगी। आज का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है, क्योंकि आज धनतेरस यानी धनत्रयोदशी का पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा-अर्चना करने की परंपरा है।
नक्षत्र की बात करें तो आज हस्त नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, जो 7 नवंबर की सुबह लगभग 4 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। इसके बाद चित्रा नक्षत्र आरंभ होगा। आज विष्कुम्भ योग रहेगा, जो अगले दिन सुबह लगभग 4 बजकर 9 मिनट तक प्रभावी रहेगा। करण में सुबह 10 बजकर 31 मिनट तक तैतिल करण और उसके बाद गर करण रहेगा।
आज सूर्योदय सुबह 6 बजकर 40 मिनट पर तथा सूर्यास्त शाम 5 बजकर 29 मिनट पर होगा। चंद्रोदय अगले दिन सुबह लगभग 3 बजकर 41 मिनट पर और चंद्रास्त दोपहर लगभग 3 बजकर 34 मिनट पर रहेगा। आज विक्रम संवत 2083, सिद्धार्थी संवत्सर तथा कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी का विशेष धार्मिक संयोग बन रहा है।

शुभ मुहूर्त की बात करें तो आज ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:55 से 5:48 बजे तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:43 से दोपहर 12:26 बजे तक रहेगा। प्रदोष काल शाम 5:29 से 6:59 बजे तक रहेगा।
वहीं राहुकाल सुबह 10:43 से दोपहर 12:04 बजे तक रहेगा। यमगण्ड दोपहर 2:46 से 4:07 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राहुकाल में नए शुभ कार्यों का आरंभ करने से बचना चाहिए।
डिस्क्लेमर: इस पंचांग में दी गई हर जानकारी पारंपरिक हिंदू पंचांग और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। सूर्योदय, सूर्यास्त एवं मुहूर्त के समय में स्थान के अनुसार अंतर संभव है। किसी भी शुभ कार्य या धार्मिक अनुष्ठान से पहले स्थानीय पंचांग अथवा विद्वान ज्योतिषाचार्य से पुष्टि अवश्य करें। यह जानकारी केवल धार्मिक एवं सामान्य ज्योतिषीय उद्देश्य के लिए है।
