आज का राशिफल: गणतंत्र दिवस पर कैसा रहेगा आपकी राशि का हाल? जानें किन राशियों के लिए शुभ रहेगा 26 जनवरी का दिन!       हिमाचल : बयानवीरों पर हाईकमान का हंटर: हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष को कड़ी कार्रवाई के निर्देश; अब न दलील चलेगी, न सफाई - पढ़ें पूरी खबर       ​आज का राशिफल: 24 जनवरी को बन रहा है अद्भुत 'गजकेसरी योग', जानें किन राशियों की चमकेगी किस्मत       हिमाचल पुलिस में बड़ा फेरबदल: शिमला SP संजीव गांधी समेत छह IPS अधिकारी बने DIG, सरकार ने जारी की अधिसूचना - देखें पूरी खबर..       हिमाचल में बदला मौसम का मिजाज: शिमला में पहली बर्फ, सड़कें बंद, जनजीवन अस्त-व्यस्त - पढ़ें पूरी खबर..       राम जन्मभूमि अयोध्या पहुँचे विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानियां, श्रीराम मंदिर में किए दर्शन       आज का राशिफल: 22 जनवरी को विनायक चतुर्थी पर क्या कहते हैं आपके सितारे? पढ़ें मेष से मीन तक का राशिफ़ल       "जनता ही असली मालिक, विधायिका तो लोकतंत्र की आत्मा है": लखनऊ में गूंजी विस अध्यक्ष कुलदीप पठानिया की हुंकार - पढ़ें पूरी खबर..       हिमाचल में खत्म होगा 3 महीने का सूखा: इस दिन से सक्रिय होगा सीजन का सबसे शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ, भारी बर्फबारी का 'ऑरेंज अलर्ट' - पढ़ें पूरी खबर..       आज का राशिफल: 21 जनवरी 2026 – जानें कैसा रहेगा आपकी राशि के लिए बुधवार का दिन, क्या कहते हैं आपके सितारे?      

हिमाचल | शिमला

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने वरिष्ठता का लाभ नहीं देने पर प्रधान सचिव को लगाई एक लाख काॅस्ट, कहा- सरकार के रवैये से बहुमूल्य समय हो रहा बर्बाद, पढ़ें पूरी खबर..

November 29, 2024 11:33 AM
फोटो सोर्स : सोशल मीडिया

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने वरिष्ठता का लाभ नहीं देने पर प्रधान सचिव को लगाई एक लाख काॅस्ट, कहा- सरकार के रवैये से बहुमूल्य समय हो रहा बर्बाद, पढ़ें पूरी खबर..

शिमला: (HD News); हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने अदालत के आदेश नहीं मानने पर राज्य सरकार के प्रधान सचिव आरडी नजीम को एक लाख रुपये काॅस्ट लगाई है। प्रधान सचिव को अब यह पैसा स्वयं चुकाना होगा। अदालत ने कहा कि सरकार के रवैये से अदालत का बहुमूल्य समय बर्बाद हो रहा है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश सत्येन वैद्य की खंडपीठ ने मामले में सुनवाई की।

खंडपीठ ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला दिया, जिसमें कहा गया कि अदालत की वजह से याचिकाकर्ता को न्याय मिलने में देरी न हो। याचिकाकर्ता की मांग गलत नहीं है, वे अपनी सेवाओं का लाभ मांग रहे हैं। अदालत ने कहा कि सरकार ने पहले टिब्यूनल के फैसले को डबल बेंच में चुनौती दी। डबल बेंच ने भी इसे रद्द कर दिया। सरकार फिर फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चली गई।

सुप्रीम कोर्ट ने भी सरकार की अपील खारिज कर दी। सरकार की ओर से हाईकोर्ट में दायर एलपीए भी रद्द हो गई। अब याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में एग्जीक्यूशन दायर की है, जिसमें कहा है कि वर्ष 2017 के टिब्यूनल के आदेशों की आज तक अनुपालना नहीं की गई है।

अदालत ने गुरुवार को सरकार के रवैये पर कड़ी आपति जताई। आवेदकों को अनुबंध के आधार पर की सेवाओं को उनके नियमितीकरण के बाद वरिष्ठता और अन्य लाभों के उद्देश्य को गिना जाना चाहिए।

 

सरकार की ओर से महाधिवक्ता ने कहा कि पदोन्नति का अधिकार मौलिक अधिकार है लेकिन यह निहित अधिकार नहीं है। उन्होंने अदालत को बताया कि डीपीसी 2016 में लागू की गई, जिसके आधार पर वरिष्ठता की सूची तैयार की गई है। अदालत में मामले को लेकर कर्मचारियों ने एक हजार के करीब अलग-अलग याचिकाएं दायर की हैं। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने फैसले को सुरक्षित रख लिया है।

Have something to say? Post your comment

हिमाचल में और

हिमाचल : बयानवीरों पर हाईकमान का हंटर: हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष को कड़ी कार्रवाई के निर्देश; अब न दलील चलेगी, न सफाई - पढ़ें पूरी खबर

हिमाचल पुलिस में बड़ा फेरबदल: शिमला SP संजीव गांधी समेत छह IPS अधिकारी बने DIG, सरकार ने जारी की अधिसूचना - देखें पूरी खबर..

हिमाचल में बदला मौसम का मिजाज: शिमला में पहली बर्फ, सड़कें बंद, जनजीवन अस्त-व्यस्त - पढ़ें पूरी खबर..

राम जन्मभूमि अयोध्या पहुँचे विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानियां, श्रीराम मंदिर में किए दर्शन

"जनता ही असली मालिक, विधायिका तो लोकतंत्र की आत्मा है": लखनऊ में गूंजी विस अध्यक्ष कुलदीप पठानिया की हुंकार - पढ़ें पूरी खबर..

हिमाचल में खत्म होगा 3 महीने का सूखा: इस दिन से सक्रिय होगा सीजन का सबसे शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ, भारी बर्फबारी का 'ऑरेंज अलर्ट' - पढ़ें पूरी खबर..

खली का 'पॉवर पंच': पांवटा तहसीलदार पर करोड़ों के जमीन घोटाले का आरोप; बोले - "अधिकारी खुद को संविधान से ऊपर न समझें" - पढ़ें पूरी खबर विस्तार से

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: सिर्फ 'गाली' देने मात्र से नहीं लगेगा SC/ST एक्ट, जाति के आधार पर अपमान की मंशा साबित करना अनिवार्य

​"पानी नहीं तो भारी-भरकम बिल क्यों?" श्री नयना देवी जी में विभाग के बहानों से ऊबी जनता; 25 दिनों में 10 दिन ठप रही सप्लाई - पढ़ें पूरी खबर..

लखनऊ में आयोजित पीठासीन अधिकारी सम्मेलन में बोले कुलदीप पठानियां, पारदर्शिता लोकतंत्र की आत्मा - पढ़ें पूरी खबर