शिमला: (HD News); हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने समस्त देश और प्रदेशवासियों को महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। इस ऐतिहासिक पर्व की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में उन्होंने इसे आस्था, भक्ति और 'देवभूमि' की समृद्ध परंपरा का प्रतीक बताया।

आध्यात्मिक महत्ता: शिव-शक्ति का मिलन
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि महाशिवरात्रि हिन्दू धर्म का एक प्रमुख और पवित्र त्यौहार है, जो भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह की स्मृति में मनाया जाता है। उन्होंने रेखांकित किया कि यू तो हर माह की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को शिवरात्रि होती है, लेकिन फाल्गुन मास की 'महाशिवरात्रि' का विशेष महत्व है। इसका शाब्दिक अर्थ ही 'शिव की महान रात्रि' है, जो हमें जीवन में सादगी, भक्ति और तपस्या का मार्ग दिखाती है।
देवभूमि की सांस्कृतिक धरोहर
श्री पठानिया ने हिमाचल प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान पर जोर देते हुए कहा, "देवभूमि हिमाचल मेलों और त्यौहारों का प्रदेश है। ये आयोजन न केवल हमारी समृद्ध विरासत के द्योतक हैं, बल्कि देश-विदेश में हिमाचल की अलग पहचान भी बनाते हैं।" उन्होंने कहा कि यह पर्व समाज में आपसी सौहार्द और भाईचारे की भावना को प्रगाढ़ करता है।

युवाओं के लिए संदेश: कुरीतियों का हो 'संहार'
अपने संदेश के अंत में विधानसभा अध्यक्ष ने एक महत्वपूर्ण सामाजिक अपील भी की। उन्होंने कहा कि भगवान शिव पालक भी हैं और संहारक भी। इस महाशिवरात्रि पर हमें शिव के स्वरूप से प्रेरणा लेते हुए समाज में व्याप्त बुरी आदतों और नशे जैसी कुरीतियों के त्याग का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे इस पर्व को पूरी शिद्दत और उल्लास के साथ मनाएं और सकारात्मक ऊर्जा के साथ जीवन की नई शुरुआत करें।
