"शिमला में कल से चढ़ेगा सियासी पारा! हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र कल से शुरू होने जा रहा है, और सरकार को घेरने के लिए विपक्ष ने कमर कस ली है। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने साफ कर दिया है कि तीन दिन के इस सत्र में 125 सवालों की गूंज सुनाई देगी। राज्यपाल के अभिभाषण के साथ शुरू होने वाले इस सत्र में क्या रहेगा खास, और क्यों है यह सत्र हंगामेदार? देखें पूरी खबर.."
शिमला : (HD News); हिमाचल प्रदेश की 14वीं विधानसभा का बजट सत्र कल यानी सोमवार से शुरू होने जा रहा है। प्रदेश की राजधानी शिमला में आयोजित होने वाला यह सत्र संसदीय परंपराओं के लिहाज से काफी अलग और ऐतिहासिक होने वाला है। यह पहली बार है जब बजट सत्र को दो चरणों में विभाजित किया गया है और इसका पहला चरण केवल तीन दिनों का होगा। हालांकि, अभी तक सरकार की ओर से बजट पेश करने की निश्चित तारीख का ऐलान नहीं किया गया है, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

राज्यपाल के अभिभाषण से होगा सत्र का आगाज
सदन की कार्यवाही सोमवार दोपहर बाद शुरू होगी। सत्र की शुरुआत पारंपरिक रूप से राज्यपाल के अभिभाषण के साथ होगी। राज्यपाल सरकार की उपलब्धियों और आगामी वर्ष के लिए विजन को सदन के पटल पर रखेंगे। चूंकि यह बजट सत्र का पहला दिन होगा, इसलिए राज्यपाल के अभिभाषण पर सत्ता पक्ष और विपक्ष की प्रतिक्रियाएं देखना दिलचस्प होगा। बजट की तारीख तय न होने के बावजूद, इन तीन दिनों में सदन की कार्यवाही काफी व्यस्त रहने की उम्मीद है।
RDG (राजस्व घाटा अनुदान) पर गरमाएगा सदन
तीन दिन के इस संक्षिप्त सत्र में सियासी पारा चढ़ने के पूरे आसार हैं। सबसे प्रमुख मुद्दा 'राजस्व घाटा अनुदान' (RDG) रहने वाला है। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने जानकारी दी कि इस विषय पर चर्चा के लिए सरकार की ओर से नियम 102 के तहत प्रस्ताव लाया गया है। केंद्र से मिलने वाले इस अनुदान और प्रदेश की आर्थिक स्थिति को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप का दौर देखने को मिल सकता है।

सवालों की झड़ी और सांख्यिकीय विवरण
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सत्र की तैयारियों को लेकर विस्तृत जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि मात्र तीन दिन के इस सत्र के लिए विधायकों में काफी उत्साह है और कुल 125 सवाल प्राप्त हुए हैं।
इनमें से 111 तारांकित प्रश्न हैं, जिनका जवाब मंत्रियों को सदन में मौखिक रूप से देना होगा। 14 अतारांकित प्रश्न हैं, जिनके लिखित उत्तर पटल पर रखे जाएंगे। इसके अलावा, नियम 62 के तहत भी एक प्रस्ताव चर्चा के लिए आया है, जो सदन की गंभीरता को दर्शाता है।
सोमवार से शुरू हो रहा यह सत्र भले ही अवधि में छोटा हो, लेकिन इसमें उठाए जाने वाले मुद्दों और RDG पर होने वाली चर्चा के कारण यह राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। अब देखना यह होगा कि विपक्ष सरकार को किन मुद्दों पर घेरता है और सरकार राज्यपाल के अभिभाषण के जरिए अपनी उपलब्धियों को कैसे पेश करती है।
