"हजारों लोग आपदा में फंसे हैं… सड़कें और पुल टूट गए हैं… चंबा, मंडी और कुल्लू का संपर्क कटा हुआ है… लेकिन इस बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू प्रदेश छोड़कर बिहार की राजनीतिक रैलियों में व्यस्त हैं।" - पढ़ें पूरी खबर

शिमला (HD News): हिमाचल प्रदेश प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है। चंबा, मंडी और कुल्लू जिलों में भारी तबाही के बीच हजारों लोग फंसे हुए हैं और कई इलाकों का संपर्क पूरी तरह टूट चुका है। इन हालातों में विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में लोग जान बचाने की जद्दोजहद कर रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री विधानसभा सत्र और जनता को छोड़कर बिहार में राजनीतिक रैलियों में व्यस्त हैं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि “सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है, हजारों मकान और बाग-बगीचे बह गए हैं। पुल और सड़कें टूटने से पूरे प्रदेश की कनेक्टिविटी प्रभावित हुई है। चंबा में पांच दिनों से संचार व्यवस्था ठप है। मणिमहेश यात्रा में लगभग 10 हजार श्रद्धालु रास्ते में फंसे हुए हैं, कुल्लू-मनाली और लाहौल-स्पीति का संपर्क कट चुका है। ऐसे समय मुख्यमंत्री प्रदेश को छोड़कर चुनावी कार्यक्रमों में व्यस्त हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।”
उन्होंने सरकार की आपदा प्रबंधन तैयारियों को पूरी तरह विफल बताते हुए कहा कि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की तैनाती समय पर नहीं हुई, न ही केंद्र से हेलीकॉप्टर मांगे गए। सेना की मदद लेने में भी सरकार सुस्त रही, जिसका खामियाजा हजारों लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
जयराम ठाकुर ने सरकार से मांग की है कि तुरंत राहत एवं बचाव कार्यों को तेज किया जाए और फंसे लोगों की जान बचाने के लिए सेना व हवाई सेवाओं की मदद ली जाए।
हिमाचल प्रदेश इस समय भीषण प्राकृतिक आपदा से गुजर रहा है। सड़कों, पुलों और संचार व्यवस्था के टूटने से हजारों लोग संकट में हैं। विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने समय रहते राहत और बचाव कार्यों को प्राथमिकता नहीं दी, जबकि मुख्यमंत्री राजनीतिक रैलियों में व्यस्त रहे। अब सवाल यह है कि क्या सरकार तुरंत गंभीरता दिखाकर फंसे हुए लोगों को राहत दिला पाएगी या फिर प्रदेश को और बड़े संकट का सामना करना पड़ेगा।