भारी बारिश और भूस्खलन से जूझ रहे हिमाचल में सड़कों की बहाली और लोगों की सुरक्षा को लेकर विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां ने बड़ा कदम उठाया है। गुरुवार को NHAI और हिमाचल सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर उन्होंने साफ कर दिया कि राहत और पुनर्बहाली कार्यों में ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी। पठानियां ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत और पुनर्बहाली कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही को सदन की अवमानना माना जाएगा। पढ़ें पूरी खबर..
शिमला: (HD News); हिमाचल प्रदेश विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां ने गुरुवार को हिमाचल प्रदेश सरकार, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) तथा परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार के अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक में लोक निर्माण मंत्री भी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य एजेंडा हाल ही में भारी वर्षा, बादल फटने और फ्लैश फ्लड से हुए नुकसान और सड़क बहाली से जुड़े मुद्दे रहे।

🔹 सड़कों की बहाली पर विधानसभा अध्यक्ष सख्त
बैठक में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सैना, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी, NHAI शिमला के महाप्रबंधक कर्नल अजय सिंह बरगोती, उप-महाप्रबंधक राकेश दीपक, उप-प्रबंधक अमित प्रभात, सचिव लोक निर्माण विभाग अभिषेक जैन, संयुक्त सचिव हरबंस ब्रेस्कॉन सहित मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
पठानियां ने कहा कि सदन में उठाए गए विषयों को गंभीरता से लेते हुए यह समिति बनाई गई है और बैठक में लिए गए निर्णयों को अक्षरश: लागू करना होगा। किसी भी प्रकार की कोताही को सदन की अवमानना माना जाएगा।
🔹 राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को मिली अहम जिम्मेदारी
पठानियां ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में लगभग 850 किलोमीटर लंबाई में 4-लेनिंग का कार्य चल रहा है, जो प्रदेश की जनता के हित से जुड़ा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जब भी आवश्यकता हो, वे लोक निर्माण मंत्री और सचिव पीडब्ल्यूडी को समय-समय पर ब्रीफ करें और सत्र के दौरान NHAI का एक वरिष्ठ अधिकारी भी अधिकारी दीर्घा में मौजूद रहेगा ताकि सदन को सही जानकारी उपलब्ध करवाई जा सके।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां 4-लेनिंग कार्य के चलते भू-स्खलन और मार्ग अवरुद्ध हो रहे हैं, वहां शीघ्र बहाली की जाए और भविष्य में ऐसी स्थिति से निपटने के लिए ठोस नीति पर विचार किया जाए।
🔹 जिला एवं पुलिस प्रशासन को निर्देश
अध्यक्ष ने मुख्य सचिव को आदेश दिया कि प्रथम चरण में उपमंडल से जिला मुख्यालय और फिर पंचायत स्तर तक जोड़ने वाली सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर बहाल किया जाए। वहीं, पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिए गए कि प्रभावित इलाकों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात कर परिवहन व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए और फंसे लोगों की मदद की जाए।
🔹 मणिमहेश यात्रा से 3280 श्रद्धालु सुरक्षित निकाले गए
पठानियां ने बताया कि मणिमहेश यात्रा में फंसे कुल 3280 श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाला गया है, जिनमें 1730 पुरुष, 1259 महिलाएँ और 280 बच्चे शामिल हैं। बीमार श्रद्धालुओं को हेलीकॉप्टर के माध्यम से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
उन्होंने कहा कि रात 2 बजे तक सड़क बहाली का कार्य युद्ध स्तर पर चला है और मौसम अनुकूल रहने पर वह शुक्रवार सुबह हेलीकॉप्टर से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे। यदि मौसम खराब रहा तो वह सड़क मार्ग से चम्बा रवाना होकर जमीनी स्तर पर स्थिति का जायजा लेंगे और जिला प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे।
