शिमला MC में संवैधानिक संकट: अध्यादेश खत्म, फिर भी 'शक्तिहीन' मेयर ने पेश किया बजट; भाजपा का हल्ला बोल, डीसी से की शिकायत - पढ़ें पूरी खबर..       श्रीलंका में 'VVIP कल्चर' का अंत: सांसदों की आजीवन पेंशन खत्म, पूर्व राष्ट्रपतियों की सुख-सुविधाओं पर भी चली कैंची - क्या भारत मे भी ऐसा होना चाहिए ? - पढ़ें पूरी खबर       'मुफ्त में सब मिलेगा तो काम कौन करेगा?' फ्री की योजनाओं पर सुप्रीम कोर्ट की सरकारों को कड़ी फटकार - पढ़ें पूरी खबर       आज का राशिफल (20 फरवरी 2026): ग्रहों की चाल बदलेगी किस्मत, जानें किन राशियों पर बरसेगी आज विशेष कृपा       SBI शिमला में अनुबंधित कर्मियों का हल्लाबोल: 5 घंटे चला उग्र प्रदर्शन, अफसरों के घेराव के बाद झुका प्रबंधन, रोके गए सैकड़ों गैर-कानूनी तबादले - पढ़ें पूरी खबर..       अर्की: लड़ोग स्कूल की शानदार पहल: शैक्षिक भ्रमण में बच्चों ने जानी बुनाई, बैंकिंग और डेयरी उद्योग की बारीकियां - पढ़ें पूरी खबर..       हिमाचल राज्यसभा चुनाव: आंकड़ों में 'किंग' कांग्रेस को क्यों सता रहा 'खेला' होने का खौफ, क्या फिर होगी क्रॉस वोटिंग? - पढ़ें विस्तार से..       चंडीगढ़ के सेक्टर 23-डी में 22 फरवरी से शुरू होगा 57वां भव्य मूर्ति स्थापना समारोह; श्रीमद् भागवत कथा का होगा भव्य आयोजन ! - कथा श्रवण करने आएं और बनें पुण्य के भागी!       हिमाचल विधानसभा: केंद्र से 'राजस्व अनुदान' बहाली का संकल्प पारित, कार्यवाही 18 मार्च तक स्थगित - पढ़ें पूरी खबर.       आज का राशिफल: 19 फरवरी 2026; जानें कैसा रहेगा आपकी राशि के लिए आज का दिन, किन राशियों पर बरसेगी कृपा और किन्हें बरतनी होगी सावधानी      

हिमाचल | शिमला

शिमला MC में संवैधानिक संकट: अध्यादेश खत्म, फिर भी 'शक्तिहीन' मेयर ने पेश किया बजट; भाजपा का हल्ला बोल, डीसी से की शिकायत - पढ़ें पूरी खबर..

February 20, 2026 03:30 PM
ओम प्रकाश ठाकुर

शिमला नगर निगम के बजट सत्र में उस वक्त भारी संवैधानिक और राजनीतिक घमासान छिड़ गया, जब मेयर सुरेंद्र चौहान ने बजट पेश किया। भाजपा पार्षदों ने मेयर की शक्तियों को 'शून्य' करार देते हुए उनके द्वारा बजट पेश करने की वैधता पर ही गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भाजपा का सीधा आरोप है कि जब मेयर के पास पद पर बने रहने की संवैधानिक शक्ति ही नहीं है, तो वह बजट जैसा महत्वपूर्ण दस्तावेज सदन में कैसे रख सकते हैं ? पढ़ें पूरी खबर..

शिमला: (HD News); शिमला नगर निगम में मेयर सुरेंद्र चौहान द्वारा पेश किए गए बजट ने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। बीजेपी पार्षदों ने मेयर के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उनकी कार्यप्रणाली और बजट पेश करने की वैधानिकता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि मेयर के पास वर्तमान में कोई संवैधानिक पद नहीं है, ऐसे में उनके द्वारा बजट पेश करना पूरी तरह से असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक है।

संवैधानिक संकट की आहट, मेयर के अधिकार क्षेत्र पर सवाल:

बीजेपी पार्षदों का नेतृत्व कर रही सरोज ठाकुर ने मीडिया से बातचीत में मेयर की स्थिति पर बड़ा सवाल खड़ा किया। उन्होंने तर्क दिया कि मेयर पद से संबंधित अध्यादेश 6 जनवरी को ही समाप्त हो चुका है। इस अध्यादेश के समाप्त होने के साथ ही मेयर के पास सदन की अध्यक्षता करने और महत्वपूर्ण निर्णय लेने की कोई संवैधानिक शक्ति नहीं बची है। ऐसे में, एक 'पदहीन' व्यक्ति द्वारा नगर निगम का बजट पेश करना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं का भी हनन है।

बजट की वैधता पर प्रश्नचिह्न, कानूनी लड़ाई के संकेत:

बीजेपी पार्षदों ने मेयर के इस कदम को पूरी तरह से अवैध करार दिया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जब मेयर के पास कोई संवैधानिक अधिकार ही नहीं है, तो वे बजट जैसा महत्वपूर्ण दस्तावेज कैसे पेश कर सकते हैं? इस मामले को लेकर पार्षदों ने पहले ही न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है, जिससे स्पष्ट संकेत मिलते हैं कि यह विवाद जल्द ही कानूनी लड़ाई का रूप ले सकता है।

नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग, डीसी से हस्तक्षेप की गुहार:

पार्षदों ने मेयर से नैतिकता के आधार पर तत्काल इस्तीफा देने की मांग की है। उनका मानना है कि एक 'पदहीन' मेयर का अपने पद पर बने रहना नगर निगम की गरिमा को धूमिल कर रहा है। उन्होंने जिला उपायुक्त (DC) को ज्ञापन सौंपकर इस पूरे मामले में हस्तक्षेप करने और उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया है।

आगे की राह:

शिमला नगर निगम में मेयर के पद और बजट को लेकर छिड़ा यह विवाद अब एक राजनीतिक और कानूनी लड़ाई का रूप ले चुका है। आने वाले दिनों में देखना होगा कि न्यायालय इस मामले में क्या फैसला सुनाता है और इसका शिमला नगर निगम की कार्यप्रणाली पर क्या असर पड़ता है।

भाजपा पार्षदों ने मेयर सुरेंद्र चौहान से नैतिकता के आधार पर तत्काल इस्तीफे की मांग की है। उनका कहना है कि संवैधानिक संकट खड़ा करके जबरन पद पर बने रहना गलत है। बहरहाल, डीसी को ज्ञापन सौंपने और मामला कोर्ट में होने के कारण, शिमला नगर निगम का यह बजट सत्र अब प्रशासनिक और कानूनी पेचीदगियों में बुरी तरह उलझ गया है, जिसका सीधा असर शहर के विकास कार्यों पर पड़ सकता है।

Have something to say? Post your comment

हिमाचल में और

SBI शिमला में अनुबंधित कर्मियों का हल्लाबोल: 5 घंटे चला उग्र प्रदर्शन, अफसरों के घेराव के बाद झुका प्रबंधन, रोके गए सैकड़ों गैर-कानूनी तबादले - पढ़ें पूरी खबर..

अर्की: लड़ोग स्कूल की शानदार पहल: शैक्षिक भ्रमण में बच्चों ने जानी बुनाई, बैंकिंग और डेयरी उद्योग की बारीकियां - पढ़ें पूरी खबर..

हिमाचल राज्यसभा चुनाव: आंकड़ों में 'किंग' कांग्रेस को क्यों सता रहा 'खेला' होने का खौफ, क्या फिर होगी क्रॉस वोटिंग? - पढ़ें विस्तार से..

हिमाचल विधानसभा: केंद्र से 'राजस्व अनुदान' बहाली का संकल्प पारित, कार्यवाही 18 मार्च तक स्थगित - पढ़ें पूरी खबर.

हिमाचल विधानसभा: 14वीं विधानसभा के बजट सत्र का तीसरा दिन, विधानसभा अध्यक्ष को 'गार्ड ऑफ ऑनर'; सदन की कार्यवाही से पहले अधिकारियों ने दिया सुरक्षा इंतजामों का ब्यौरा - पढें पूरी खबर..

हिमाचल बजट सत्र: अपनी ही सरकार पर बरसे कुलदीप राठौर, बोले- हो रही 'लिपापोती'; उधर निधि पर विपक्ष के हंगामे के बीच CM का 'सुलह' वाला दांव" - देखें पूरी खबर..

हिमाचल : अब नपेंगे फोन न उठाने वाले 'लाट साहब'! विधानसभा अध्यक्ष का कड़ा फरमान- 'बस नाम बताओ, कार्रवाई हम करेंगे' - पढ़ें पूरी खबर

शिमला: बजट सत्र के दूसरे दिन मुकेश अग्निहोत्री ने की स्पीकर से शिष्टाचार भेंट, प्रशासन ने दिया सुरक्षा का ब्यौरा - देखें पूरी खबर..

सदन में लहराया संविधान: मुकेश अग्निहोत्री बोले- 'RDG भीख नहीं, हक है', जयराम का पलटवार- 'पत्नी की सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी में CM' - पढ़ें पूरी खबर..

शिमला: 'विधानसभा क्या है?' जब स्पीकर के इस सवाल पर अटक गए संजोली कॉलेज के छात्र, कुलदीप पठानियां ने पढ़ाया लोकतंत्र का पाठ - पढ़ें पूरी खबर..