स्कूली बच्चों को केवल किताबी दुनिया तक सीमित न रखते हुए, उन्हें व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ने के लिए राजकीय उच्च विद्यालय लड़ोग ने एक सराहनीय कदम उठाया है। विद्यालय द्वारा 18 फरवरी 2026 को कक्षा 6वीं से 8वीं तक के 42 विद्यार्थियों के लिए एक विशेष 'प्री-वोकेशनल एक्सपोजर विजिट' का आयोजन किया गया। इस शैक्षिक भ्रमण के तहत छात्रों ने सरयांज स्थित हथकरघा हैंडलूम, कामधेनु मिल्क प्लांट और यूको बैंक का दौरा किया, जहां उन्होंने उद्योगों और बैंकिंग प्रणाली की व्यावहारिक कार्यप्रणाली को नज़दीक से समझा। पढ़ें पूरी खबर..
अर्की/लड़ोग: (HD News); शिक्षा को केवल किताबों और कक्षाओं की चारदीवारी तक सीमित न रखते हुए, राजकीय उच्च विद्यालय लड़ोग ने छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए एक सराहनीय पहल की है। विद्यालय द्वारा आज दिनांक 18 फरवरी 2026 को छठी से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए एक विशेष 'प्री-वोकेशनल एक्सपोजर विजिट' (व्यावसायिक शैक्षिक भ्रमण) का आयोजन किया गया। इस ज्ञानवर्धक भ्रमण में विद्यालय के कुल 42 विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को सरयांज स्थित हथकरघा हैंडलूम, कामधेनु मिल्क प्लांट तथा यूको बैंक ले जाकर वहां की व्यावहारिक कार्यप्रणाली से रूबरू कराना था।

भ्रमण के पहले चरण में विद्यार्थियों का दल सरयांज स्थित हथकरघा (हैंडलूम) केंद्र पहुंचा। यहां बच्चों ने पारंपरिक बुनाई की कला को बेहद करीब से देखा और समझा। विशेषज्ञों द्वारा विद्यार्थियों को सूत से कपड़ा तैयार होने तक के विभिन्न तकनीकी चरणों की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही, उन्हें स्थानीय हस्तशिल्प के महत्व से भी अवगत कराया गया, ताकि युवा पीढ़ी अपनी जड़ों और पारंपरिक हुनर के प्रति जागरूक हो सके।
हथकरघा केंद्र के बाद विद्यार्थियों ने सरयांज के कामधेनु मिल्क प्लांट का दौरा किया। इस दौरान छात्रों को डेयरी उद्योग की कार्यप्रणाली को नज़दीक से देखने का अवसर मिला। प्लांट के अधिकारियों ने बच्चों को दुग्ध संग्रहण, प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) और पैकेजिंग की पूरी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से समझाया। साथ ही, दुग्ध उत्पादों को तैयार करने में अपनाए जाने वाले स्वच्छता मानकों की अहमियत पर भी विशेष प्रकाश डाला गया।

आधुनिक जीवन में वित्तीय साक्षरता की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, भ्रमण के अंतिम पड़ाव के रूप में बच्चों को यूको बैंक सरयांज शाखा ले जाया गया। बैंक परिसर में विद्यार्थियों को बैंकिंग प्रणाली के काम करने के तरीके से परिचित कराया गया। बैंक अधिकारियों ने बच्चों को खाता खोलने की प्रक्रिया, डिजिटल बैंकिंग के उपयोग और वित्तीय साक्षरता से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं। छात्रों को छोटी उम्र से ही बचत की आदत विकसित करने के लिए भी प्रेरित किया गया।
विद्यालय प्रशासन के अनुसार, इस पूरे शैक्षिक भ्रमण का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों को विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों से परिचित कराना तथा उन्हें व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ना था। प्रशासन का मानना है कि इस तरह के एक्सपोजर से बच्चे भविष्य में अपने करियर के प्रति अधिक जागरूक और प्रेरित हो सकेंगे। इस सफल आयोजन के समापन पर विद्यालय प्रशासन ने भ्रमण में सहयोग देने वाले सभी संबंधित संस्थानों के प्रति अपना आभार व्यक्त किया।

राजकीय उच्च विद्यालय लड़ोग द्वारा आयोजित यह 'प्री-वोकेशनल एक्सपोजर विजिट' इस बात का प्रमाण है कि आधुनिक शिक्षा में किताबी पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव का होना कितना आवश्यक है। छात्रों को हथकरघा, डेयरी उद्योग और बैंकिंग जैसे वास्तविक कार्यक्षेत्रों का सीधा अनुभव प्रदान करके, विद्यालय ने उनके सुनहरे भविष्य और करियर के लिए एक मजबूत नींव रखने का सार्थक प्रयास किया है।
इस तरह के व्यावहारिक भ्रमण न केवल बच्चों में नए कौशल सीखने की उत्सुकता जगाते हैं, बल्कि उन्हें स्वरोजगार और भविष्य की व्यावसायिक चुनौतियों के लिए मानसिक रूप से तैयार भी करते हैं। विद्यालय प्रशासन और स्थानीय संस्थानों का यह साझा सहयोग ग्रामीण स्तर पर शिक्षा को रोजगारोन्मुखी (Job-oriented) बनाने की दिशा में एक बेहद सकारात्मक और अनुकरणीय कदम है।