शिमला: (18 फरवरी, 2026); हिमाचल प्रदेश चौदहवीं विधानसभा के बजट सत्र का पहला चरण आज महत्वपूर्ण विधायी कार्यों और केंद्र सरकार के प्रति कड़े रुख के साथ संपन्न हुआ। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सदन की कार्यवाही को एक महीने के अवकाश के बाद 18 मार्च, 2026, पूर्वाह्न 11:00 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया है।

केंद्र से आर्थिक मदद बहाली की मांग
इस संक्षिप्त सत्र की सबसे बड़ी उपलब्धि नियम 102 के तहत लाए गए सरकारी संकल्प का पारित होना रही। सदन ने एक स्वर में केंद्र सरकार से 'राजस्व सहायता अनुदान' को बहाल करने की पुरजोर सिफारिश की है। गौरतलब है कि 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के बाद केंद्र ने यह अनुदान बंद कर दिया है, जो प्रदेश को 5वें वित्त आयोग से लगातार मिल रहा था। संकल्प में कहा गया है कि अनुदान बंद होने से प्रदेश में आर्थिक संकट के हालात पैदा हुए हैं, इसलिए राज्य की वित्तीय स्थिति को देखते हुए इसे तुरंत राजस्व घाटे के अनुरूप प्रदान किया जाए।

124 प्रतिशत रही सदन की उत्पादकता
सत्र के समापन पर मीडिया को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने बताया कि 16 से 18 फरवरी तक चले इस पहले चरण में सदन की कार्यकुशलता अपेक्षा से बेहतर रही। महज 3 बैठकों में सदन की कार्यवाही लगभग 18 घंटे 24 मिनट तक चली, जिससे सत्र की कुल उत्पादकता 124 प्रतिशत दर्ज की गई।
अन्य प्रमुख कार्य:
- विधेयक पुनः पारित: राज्यपाल महोदय द्वारा पुनर्विचार हेतु लौटाए गए दो विधेयकों को सदन ने विचारोपरांत दोबारा पारित कर दिया।
- प्रश्नोत्तरी: सत्र के दौरान 34 प्रश्नों (24 तारांकित तथा 10 अतारांकित) के उत्तर सरकार द्वारा दिए गए।
- शून्य काल: सदस्यों ने शून्य काल के दौरान जनहित से जुड़े 10 महत्वपूर्ण विषय उठाए।
- श्रद्धांजलि: सत्र के पहले दिन पूर्व विधायक स्व. भगत राम चौहान को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

श्री पठानिया ने सुचारू सत्र संचालन के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, संसदीय कार्य मंत्री और सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रदेशवासियों को होली की अग्रिम बधाई देते हुए बताया कि बजट सत्र का दूसरा चरण अब 18 मार्च से पुन: आरम्भ होगा।